HPCL Double Murder Case : उत्तर प्रदेश में अपराध के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एचपीसीएल प्लांट के दो अधिकारियों की नृशंस हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे पचास हजार के इनामी अभय सिंह उर्फ कल्लू को पुलिस ने मंगलवार देर रात एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पैर में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में पकड़े गए कल्लू की गिरफ्तारी ने इस हत्याकांड की परतों को खोल कर रख दिया है, जिसमें रिश्तों और साजिश का एक खौफनाक गठजोड़ सामने आया है।
पुलिसिया पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। अभय प्रताप सिंह उर्फ कल्लू महज एक अपराधी नहीं, बल्कि एचपीसीएल हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय का सगा चचेरा तहेरा भाई है। जांच में यह सनसनीखेज सच सामने आया कि अधिकारियों की जान लेने के लिए जिस अवैध असलाह का इस्तेमाल किया गया था, वह किसी और ने नहीं बल्कि कल्लू ने ही उपलब्ध कराया था। वारदात के बाद से ही वह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
क्षेत्राधिकारी नगर रजनीश कुमार उपाध्याय के नेतृत्व में जब पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर इलाके की घेराबंदी की, तो सन्नाटे को चीरते हुए गोलियों की आवाज गूंज उठी। खुद को घिरा देख शातिर कल्लू ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की एक गोली बदमाश के पैर में लगी और वह वहीं ढेर हो गया। पुलिस ने मौके से एक अवैध तमंचा और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।
कल्लू पर हत्या और लूट जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी से स्थानीय जनता ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इस हत्याकांड के बाद से क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल था। फिलहाल घायल आरोपी का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है जो इस साजिश के पीछे छिपे अन्य चेहरों को बेनकाब कर सकें। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरी वारदात के हर मास्टरमाइंड को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

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